शुक्रवार, 30 जनवरी 2009

शब्‍दावलि-2


adder योजक
address पता
addressable point पतायोग्‍य विंदु
addressable position पतायोग्‍य स्थिति
addressable storage पतायोग्‍य भंडारण
address bus पता बस
address code पता कूट
address conversion पता रूपांतरण
address data पता आंकडे
address format पता संरूप
addressing पताभिगमन
addressing character पताभिगमन संप्रतीक
address interlacing पता अंतर्ग्रथन
addressless instruction format पतारहित अनुदेश संरूप
address mapping पता प्रतिचित्रण
address pointer पता संकेतक
address register पता पंजी
address space पता स्‍थान
address track पता मार्ग
administrative data processing प्रशासनिक आंकडा संसाधन
advanced communication service उन्‍नत संचार सेवा
advanced information system उन्‍नत सूचना तंत्र
advanced optical character reader उन्‍नत प्रकाशिक संप्रतीक पठित्र
advanced scientific computer उन्‍नत वैज्ञानिक अभिकलित्र
aiming circle संधानित्र
algebraic manipulation बीजीय प्रकलण
algebraic manipulation language बीजीय प्रकलण भाषा
algebraic sign convention बीजीय चिन्‍ह परिपाटी
algol एल्‍गाल
algol programming एल्‍गाल क्रमादेशन
algorithm कलन विधि

शब्‍दावलि-1


abacus गिनतारा
abnormal termination अपसामान्‍य समापन
abort विफलन
absolute address निरपेक्ष पता
absolute coordination निरपेक्ष निर्देशांक
absolute error निरपेक्ष त्रुटि
absolute value निरपेक्ष मान
abstract सारांश , अमूर्त्‍त
acceptance test स्‍वीकरण परीक्षण
access अभिगम
access mode अभिगम विधा
access right अभिगम अधिकार
access time अभिगम काल
accumulator register संचायक पंजी
accoustic coupler ध्‍वनि युग्‍मक
action cycle क्रिया चक्र
action line क्रिया लाइन
activation सक्रियण
active file सक्रिय संचिका
active link सक्रिय कडी
active master file सक्रिय प्रधान संचिका
active storage सक्रिय भंडारण
activity ratio स्रिकयता अनुपात
actual address , absolute address निरपेक्ष पता
actual data transfer rate वास्‍तविक आंकडा स्‍थानांतरण दर
actual instruction, प्रभावी अनुदेश
effective instruction
actual key वास्‍तविक कुंजी
addend योज्‍य

मेरा एक और ब्‍लाग

वर्ष 2004 में 19 से 21 फरवरी तक राष्‍ट्रीय भौतिक प्रयोगशाला सभागार , पूसा , नई दिल्‍ली में विज्ञान भारती , स्‍वदेशी साइंस मूवमेंट आफ इंडिया , नई दिल्‍ली द्वारा तृतीय अखिल भारतीय विज्ञान सम्‍मेलन का आयोजन किया गया था। इस सम्‍मेलन का आयोजन करनेवालों में विज्ञान भारती के अलावे वैज्ञानिक एवं तकनीकी शब्‍दावलि आयोग , दिल्‍ली और राष्‍ट्रीय भोतिक प्रयोगशाला , दिल्‍ली भी थे। इस सममेलन में विविध विषयों यथा आघ्‍यात्‍म एवं परम्‍परागत ज्ञान विज्ञान से लेकर आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी से संबंधित विषयों पर विस्‍तार से चर्चा की गयी थी। हमने भी इस विज्ञान सम्‍मेलन में भाग लिया था।
उसी समय वैज्ञानिक और तकनीकी शब्‍दावलि आयोग , मानव संसाधन विकास मंत्रालय शिक्षा विभाग , भारत सरकार द्वारा प्रकाशित 'कंम्‍प्‍यूटर विज्ञान की मूलभूत शब्‍दावलि' नामक एक पुस्‍तक मिली थी , जिसकी विषय वस्‍तु को मैं ब्‍लाग के माघ्‍यम से इंटरनेट में जनसामान्‍य के लिए सर्वसुलभ करना चाहती हूं। कानूनी दृष्टि से यह गलत तो नहीं ?

संपादन और समन्‍वय

प्रमुख संपादक प्रो प्रेम स्‍वरूप सकलानी , अघ्‍यक्ष
संपादक श्री वीर सिंह आर्य , सहायक निदेशक
सहायक संपादक श्री अवनीश कुमार , अनुसंधान सहायक
विशेष परामर्श डा विनोद कुमार , विभागाघ्‍यक्ष , कम्‍प्‍यूटर विज्ञान विभाग, गुरूकुल कांगडी विश्‍वविद्यालय , हरिद्वार
कंप्‍यूटरीकरण श्री वीर सिंह आर्य , श्री अवनीश कुमार , श्री राम पलट
प्रकाशन श्री धरेन्‍द्र राय , श्री भगत सिंह नेगी , श्री आलोकवाही

आयोग के सदस्‍य

डा अनूप चोपडा , प्रो ई एन टी , लोकनायक जयप्रकाश नारायण अस्‍पताल, नई दिल्‍ली
प्रो कीर्ति सिंह , सदस्‍य , कृषि वैज्ञानिक चयन बोर्ड , पूसा , नई दिल्‍ली
प्रो बी डी नौटियाल , सिविल इंजिनियरी विभाग , बनारस हिन्‍दू विश्‍वविद्यालय , वाराणसी
श्री डी बी डिमरी , पूर्व महानिदेशक , भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण , कलकत्‍ता
प्रो प्रेम सिंह , भाषा विज्ञान विभा्र , दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय , दिल्‍ली
प्रो लक्ष्‍मण सिंह कोठारी , पूर्व अघ्‍यक्ष , भौतिकी विभाग , दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय , दिल्‍ली

प्रस्तावना हिन्दी में

हिन्दी में ज्ञान-विज्ञान के प्रचार-प्रसार तथा विश्वविद्यालय स्तर पर शिक्षण माध्यम के रूप में हिन्दी के विकास के लिए,राष्ट्रपति के आदेश से भारत सरकार ने मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन सन १९६१ में वैज्ञानिक तथा तकनीकी शव्दावली आयोग की स्थापना की.अब तक आयोग ने विभिन्न विषयों की तकनीकी शब्दावली का निर्माण ,अखिल भारतीय शब्दावली ,परिभाषा कोशों ,चयनिकाओं ,पाठमालायों ,तथा विश्‍वविद्यालय स्तर की हिन्दी तथा अन्य भारतीय भाषायों की पुस्तकों के निर्माण के विविध प्रयास किए हैं.

इन प्रयत्नों के होते हुए भी यह प्रतीत हुआ कि आयोग द्वारा प्रतिस्थापित शब्‍दावली का प्रयोग वांछित स्तर तक नही हो पा रहा है .इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए आयोग ने विज्ञान की प्रमुख शाखाओं में भी मूलभूल शब्दावली की योजना का सूत्रपात किया है और इस दिशा में यह एक नया प्रयास है .इस योजना के अंतर्गत आयोग द्बारा कंप्यूटर विज्ञान की मूलभूत शब्दावली प्रकाशित की जा रही है .शब्दावली में सामान्य प्रयोग में आने वाले महत्वपूर्ण आधारभूत शव्दों का समवेश किया गया है .इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है की संकलन में केवल ऐसे शब्दों का ही उललेख हो जिन्हें स्नातक तथा स्नाकोत्तर स्तर के छात्र ,शोध-छात्र शिक्षक इत्यादि प्रायः प्रयोग में लेट हों .आशा है कि इस नए शब्द-संग्रह का व्यापक स्वागत और उपयोग होगा .
राष्‍ट्रीय महत्‍व के इस परियोजना को सफल बनाने में इससे जुडे विषय विशेषज्ञों , भाषाविदों तथा आयोग, विश्‍वविद्यालयो, मंत्रालयों और संस्‍थानो के अधिकारियों का योगदान प्रशंसनीय रहा है, जो प्रत्‍यक्ष और परोक्ष रूप में इसमें सहायक अथवा इससे संबद्ध रहे हैं।

प्रो प्रेम स्‍वरूप सकलानी
आयोग के अघ्‍यक्ष
नई दिल्‍ली
अक्‍तूबर 1996